Monday, August 27, 2007

प्रयास

कुछ कुछ पुराना है,
कुछ कुछ आज के एहसास,
बस हमेशा मैं करता रह मैं प्रयास।

तुम तो मेरे आस पास थे,
आज भी ह्रदय लगाए हुए है आस,
जब जब स्मरण होंगे, शायद शब्द बिखरेंगे,
आंसुओं में भीगे हुए क्षण पीघलेंगे।

बस इसीलिये है यह अत्य्सधारण सा प्रयास,
इसे अल्पविराम देना ही उचित होगा,
अंततः सब कुछ मेरा ही तो होगा।

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